Nov 16, 2008

भारत का मान बिन्दु

भारत का मान बिन्दु ,तिरंगा यह झंडा हमारा |
मर के अमर हो जाना, पर ये झंडा ना झुकाना ||
लाखों चढ़े थे शमा पर किंतु बुझने न दी ये ज्योति |
बलिदानों की ये कथाएँ बातों में ना तुम भुलाना ||
बूंदी की शान कुम्भा ने, मेवाड़ में लड़कर बचायी |
उसने नकली किला बचाया, तुम असली निशां ना झुकाना ||
हाथी से टक्कर दिला कर,छाती से किला तुड़वाया |
वीरों की अमर कहानी, चुल्लू पानी में ना तुम डूबना ||
पच्चीस वर्ष कष्टों के,प्रताप ने वन में सहे थे |
स्वतंत्रता के दीवानों का भी यही था तराना ||
ओ भारत के वीर सपूतो,ओ राष्ट्र के तुम सितारों |
जननी की लाज कभी तुम,अपने ना हाथों लुटाना ||
अपमान औ" ठोकर की अग्नि अश्रु बूंदों से ना तुम बुझाना |
बुझाना हो तुम्हे कभी तो, खून की नदी से बुझाना ||
स्व.श्री तानसिंह जी द्वारा मार्च १९४६ में लिखित और क्षत्रिय युवक संघ द्वारा प्रकाशित पुस्तक झंकार से

Nov 10, 2008

भाजपा से नाराज राजपूतों का फैसला 12 को

भूपेंद्र सिंह चुण्डावत,उदयपुर

भारतीय जनता पार्टी का परंपरागत वोट समझा जाने वाला राजपूत समाज विधानसभा चुनावों में इस बार साथ छोड़ सकता है। भाजपा से टिकटों में उपेक्षा के अंदेशे को भांपकर राजपूतों के सबसे बड़े संगठन श्री प्रताप फाउंडेशन ने 12 नवंबर को नई रणनीति के लिए प्रबुद्ध नेताओं की जयपुर बैठक बुलाई है। पता चला है कि फाउंडेशन के संयोजक भगवान सिंह रोलसाहबसर ने हाल ही कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की है। इसे सियासी हलके में नए संकेत माना जा रहा है। बदली परिस्थितियों में प्रदेश में नए सियासी समीकरणों की संभावना प्रबल हो गई है। बताया जा रहा है कि भाजपा की ओर से जाति विशेष को ही महत्व दिए जाने से राजपूत समाज में नाराजगी है। समाज के प्रबुद्ध नेताओं के भारी दबाव के चलते भगवान सिंह रोलसाहबसर ने यह बैठक बुलाई है। संभावना जताई जा रही है कि फाउंडेशन विधानसभा चुनावों को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकता है। श्री प्रताप फाउंडेशन ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एंव भाजपा अध्यक्ष ओम प्रकाश माथुर को प्रदेश में 42 सीटों पर राजपूत प्रत्याशियों की सूची सौंपकर टिकट देने की मांग रखी। भाजपा की ओर से उत्साहजनक आसार नहीं मिलने एवं उपेक्षापूर्ण रवैये को देखकर फाउंडेशन से जुड़े पदाधिकारी नाराज हो गए है। टिकट नहीं मिलने पर राजपूत प्रभाव वाली सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी उतारकर चुनाव लड़ने पर भी विचार किया जा सकता है।

कन्या छात्रावास बनाएगी क्षत्रिय महासभा

भूपेन्‍द्रसिंह चूण्‍डावत,उदयपुर

उदयपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने राज्य के प्रत्येक जिले में समाज के भवन व बालिका छात्रावास बनाने के लिए शनिवार को कवायद शुरू कर दी है।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा राजस्थान प्रदेश की कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष दुल्हा सिंह चूंडावत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर कुरूक्षेत्र, मुख्य वक्ता जयेंद्र सिंह जाडेजा, अध्यक्ष गुजरात राजपूत युवा संघ विशेष रूप से मौजूद थे। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक राव कमलेंद्र सिंह बाठेडा एवं आगरा के रामनाथ सिंह सीकरवार और राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण सेना थे।

बैठक में सर्वसम्मति से राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल से मांग की गई कि भारतीय संविधान से प्रतिबंधित नाम व पदों, पदवियों के अलावा क्षत्रिय समाज में परम्परा से चले आ रहे नाम व आदर्शसूचक पदनामों का प्रयोग जो समाज की विशिष्ट पहचान है उसे इरादतन बिना वजह व कानूनी अधिकार के शासन प्रणाली के विभिन्न अंगों द्वारा जो प्रहार किया जा रहा है उसे तुरंत रोका जाए और भारतीय संस्कृति की पहचान ही जो राजपूत है उनके प्रति उन्हें सम्मान देने के लिए कहा जाए। बैठक में यह भी मांग की है कि राजपूत समाज की असहाय महिला (विधवा, तलाकशुदा) को 2 हजार रुपए मासिक की सहायता उपलब्‍ध करवाई जाए।

बैठक में यह भी निर्णय लिया कि राज्य के प्रत्येक जिले में राज्य के भवन व बालिका छात्रावास बनाए जाए जो एक जिले से शुरू कर आगे बढा जाए। राज्य में बालिका छात्रावास के लिए गुजरात की ओर से प्रत्येक कन्या छात्रावास के लिए दस-दस लाख रूपए के सहयोग देने की डॉ. जयेद्र सिंह जाडेजा ने घोषणा की तथा इसे उदयपुर में मेवाड क्षत्रिय महासभा के निर्माणाधीन उदयपुर भवन से शुरू करने का निश्चय किया।

इसके अलावा डॉ. जाडेजा ने यह भी घोषणा की कि राज्य के प्रत्येक जिले में जब तक कन्या छात्रावास नहीं बन जाए तब तक प्रतिवर्ष दस कन्याओं की निशुल्क पढाई, रहना, खाना आदि सहित गुजरात के क्षेत्रीय गुजरात में दस कन्याओं को शिक्षा देने की वचनबद्घता करता है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की कार्यकारिणी की बैठक राज्य में अतिशीघ्र राज्य के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन के साथ प्रदेश अध्यक्ष महारानी जोधपुर श्रीमती हेमलता राजे द्वारा तय स्थान पर आयोजित की जाएगी तथा राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में पारिवारिक यात्रा आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक के अंत में कार्यकारिणी की दिवंगत सदस्य श्रीमती प्रेम कंवर को श्रधांजलि अर्पित की गई। बैठक का संचालन मंत्री निरंजन सिंह शक्तावत एवं धन्यवाद जगन्नाथ सिंह भाटी ने किया।

Nov 5, 2008

हम भूल चुके है हाँ

हम भूल चुके है हाँ
हम भूल चुके है जिस पीड़ा को उसको फ़िर उकसानी है |
केसरिया झंडा सुना रहा है हमको अमर कहानी ||
ऋषि मुनियों की जन्म भूमि यह भारत इसका नाम
देवों की अवतार भूमि यह सतियों का प्रिय धाम
दूर देश से भिक्षुक आते थे विद्या के काम
इतिहास बताते हाँ ---
इतिहास बताते भारत के वेदों की अमर कहानी |
केसरिया झंडा सुना रहा है हमको अमर कहानी ||
यवनों का अधिकार हुवा रिपुओं की सब कुछ बन आई
धर्म त्याग जो नही किया तो खाले उनकी खिचवाई
वेद जलाये देवालय तोडे मस्जिद वहां पे बनवाई
भारत का जर्रा हाँ ---
भारत का जर्रा -जर्रा कहता वीरों की नादानी |
केसरिया झंडा सुना रहा है हमको अमर कहानी ||
नादिरशाही हुक्म चला था कट गए थे सिर लाखों
देश धर्म की बलिवेदी पर शीश चढ़े थे लाखों
दिल्ली के तख्त पलटते हमने देखे थे इन आंखों
नही सुनी तो हाँ --
नही सुनी तो फ़िर सुनले हम वीरों की कुर्बानी |
केसरिया झंडा सुना रहा है हमको अमर कहानी ||
मुगलों ने जब किया धर्म के नाम अनर्थ अपार
चमक उठी लाखों बिजली सी राजपूती तलवार
और सुनो हल्दी घाटी में बही रक्त की धार
हर -हर की ध्वनी में हाँ--
हर-हर की ध्वनी में सुनते है वह हुँकार पुरानी |
केसरिया झंडा सुना रहा है हमको अमर कहानी ||

काबुल को फतह किया पर नही मस्जिद तुडवाई
अत्याचारी गौरी की भी गर्दन कहाँ कटाई
अरे विदेशी शत्रु को भी हमने माना भाई
बुझते दीप शिखा की हाँ---
बुझते दीप शिखा की हमको फ़िर से ज्योति जगानी
केसरिया झंडा सुना रहा है हमको अमर कहानी ||
याद हमें है दुर्गादास और वह सांगा रणधीर
याद हमें है सोमनाथ भी और बुंदेले वीर
याद हमें है हल्दी घाटी और हठी हमीर
याद हमें है हाँ--
याद हमें है रण में जूझी वह हाड़ी महारानी |
केसरिया झंडा सुना रहा है हमको अमर कहानी ||
पु.स्व.श्री तन सिंह जी,बाड़मेर
मार्च 1946 पिलानी