राजस्थान के पांच पीर हुये है । जिनका नाम पाबूजी,हङबू जी,रामदेवजी,मंगलिया जी और मेहा जी है पाबूजी वीर थे उन्होनें गायों की रक्षार्थ अपने प्राणो की आहुती दी । यह वीडियो इस श्रंखला की शुरुआत है ।
राजस्थान की संस्कृति में लोक देवताओं का बहुत ही महत्व है ये जन-जन की आस्था से जुड़े है ,आपके द्वारा शुरू की गई इस श्रंखला से इन लोक देवताओ के बारे में अच्छी जानकारी मिलेगी | इस श्रंखला को प्रारंभ करने के लिए आभार !
ताऊ श्री , इस बारे में मुझे भी ज्यादा ज्ञान नही है। इन पीरो का नाम राजस्थानी लोकगीतो व दोहो मे लिया जाता है । इस कडी मे तो मै केवल पाबूजी के जीवन को ही बताने का प्रयास करूगां । इस कार्य मे कितना सफ़ल होता हूं यह तो आपकी टिप्पणियां बतायेगीं ।यहां जो पांच पीर का जिक्र है उसमे गोगा जी का नाम ना होने का एक कारण यह हो सकता है कि ये पुराने है, और गोगाजी इनके बाद हुये है । मै हमेशा इतिहास मे ग्रेस से पास होता था ।
गोगा जी भी पीर की ही श्रेणी में आते है और इनका महत्त्व भी इन्ही पीरों के समान है दिल्ली,हरियाणा, उतरप्रदेश तक के लोग गोगा पीर के दर्शनों हेतु गोगा मेडी की यात्रा करते है | राजस्थान में भी गोगा पीर के प्रति लोगों में बहुत आस्था है |
बहुत बढ़िया शुरुआत, बधाई स्वीकार करें। बचपने में ऑडियो कैसेट्स पर रामदेवजी और तेजाजी की कहानियां बहुत सुनी है। अन्य पीरों के नाम सुने होंगे परन्तु अभी याद नहीं आ रहे। अन्य पीरों के बारे में भी बतायें।
इस श्रंखला के प्रारंभ के लिए आप का शुक्रिया।
राजस्थान की संस्कृति में लोक देवताओं का बहुत ही महत्व है ये जन-जन की आस्था से जुड़े है ,आपके द्वारा शुरू की गई इस श्रंखला से इन लोक देवताओ के बारे में अच्छी जानकारी मिलेगी |
इस श्रंखला को प्रारंभ करने के लिए आभार !
इस नयी श्रंखला शुरु करने के लिये आप का बहुत बहुत धन्यवाद, आप सब के प्रयास से हम अपने देश को पास से जान पायेगे.
धन्यवाद
बहुत आभार आपका ! एक बात बताईये कि इन पांच पीरो के अलावा क्या गोगा पीर अलग हैं या इनमे से से ही कोई गोगा पीर भी हैं ?
राम राम !
ताऊ श्री , इस बारे में मुझे भी ज्यादा ज्ञान नही है। इन पीरो का नाम राजस्थानी लोकगीतो व दोहो मे लिया जाता है । इस कडी मे तो मै केवल पाबूजी के जीवन को ही बताने का प्रयास करूगां । इस कार्य मे कितना सफ़ल होता हूं यह तो आपकी टिप्पणियां बतायेगीं ।यहां जो पांच पीर का जिक्र है उसमे गोगा जी का नाम ना होने का एक कारण यह हो सकता है कि ये पुराने है, और गोगाजी इनके बाद हुये है । मै हमेशा इतिहास मे ग्रेस से पास होता था ।
नरेश जी,
ऐसे ही राजस्थान से रुबरु करवाते रहें...
ये क्या १ मिनिट का विडियो है?.. बस नाम आ कर खत्म हो गया..
गोगा जी भी पीर की ही श्रेणी में आते है और इनका महत्त्व भी इन्ही पीरों के समान है दिल्ली,हरियाणा, उतरप्रदेश तक के लोग गोगा पीर के दर्शनों हेतु गोगा मेडी की यात्रा करते है | राजस्थान में भी गोगा पीर के प्रति लोगों में बहुत आस्था है |
गोगा जी के बारे में थोड़ा एतिहासिक शोध करके जानकारी अवश्य दूंगा |
बहुत बढ़िया शुरुआत, बधाई स्वीकार करें।
बचपने में ऑडियो कैसेट्स पर रामदेवजी और तेजाजी की कहानियां बहुत सुनी है। अन्य पीरों के नाम सुने होंगे परन्तु अभी याद नहीं आ रहे।
अन्य पीरों के बारे में भी बतायें।