Nov 21, 2010

"राजा नहीं फकीर है; देश की तक़दीर है...!"

भूतपूर्व प्रधान मंत्री एवं  महान नेता दिवंगत श्री विश्वनाथ प्रताप सिंहजी ने अपने विचार एवोम कृतियों से एक मिसाल कायम की है! उन्हें समझने में कई आज भी कई  लोग असमर्थ रहे है !  संकीर्ण विचार या कृतियों से दूर रहकर एक राजा आधुनिक समय में अपनी प्रजा के लिए कैसे कदम उठा सकता है यह श्री वि.पि.सिंह ने कर दिखाया! हमारे साठी श्री डॉ (मेजर) हिमांशु सिंघजी श्री वि.पि.सिंह साहब के करीबी रहे है! उनके निधन के बाद डॉ.हिमांशु सिंह ने अखबारों में जो लेख लिखे थे उन्हें हम इस ब्लॉग पर अपने पाठकों के लिए पेश कर रहे है!

                                                               

Nov 5, 2010

"दिवाली खूब मनाओ "


सबको मुबारक हो यह पावन दिवाली !
दीप करते है आज , घर की रखवाली ! !
यह पावन पर्व सबको देता है खुशहाली !
दीपो से बच्चे खेलते है जैसे बाग में माली ! !
इस दिन ,कोई जन रहता नहीं उदास !
बेशक हो फटेहाल ,या हो लक्ष्मीके दास ! !
इस दिन खुशियों की ,रहती सबको आश !
खुले आसमान के नीचे ,स्वर्ग का होता है आभाष ! !

इतिहास बताता है,इसदिन सीता माता अयोध्या आयी !
अवधपुरी के नागरिको में ,वे खुशियाँ लेकर आयी ! !
यह पर्व याद दिलाता है, हमे भाइयों का प्यार !
इसे जान कर ,भ्रातृत्व द्रोहियों हो जाओ होशियार ! !
लोग कहते है, यह त्यौहार है धनियों का !
पूजन होता है, रात्रि में गहनों और मणियो का ! !
मेरे दाता मुझे ,धन बताते है मेहनत और ईमानदारी !
तो फिर गरीब को भी ,मनो धनी यही है समझदारी ! !

आओ हम सब मिलकर ,इस पवन पर्व को मनाये !
बुराइयाँ सब छोड़ कर, हम भ्रातृत्व प्रेम को अपनाएं ! !
दिन-दुखियों को ही ,तुम गले से लगाओ !
मेरी यह तम्मना है ,दिवाली तुम खूबमनाओ ! !

कुँवरानी निशा कँवर नरुका "



बस अनन्त अनमोल है माँ | ज्ञान दर्पण
मेरी शेखावाटी