Jan 25, 2014

एक प्रण

राजकुल पत्रिका के जून के अंक में प्रकाशित
आज कुँवर अवधेश अंगार लिखेगा दिल थामकर पढना, अगर खुन खोले रजपूती जागे तो प्रण करना । ना दहेज लेना ना मृत्युभोज में जाना ।।
क्या शाही दावते खत्म हो गई जो तू मृत्युभोज खाने चला, क्या ब्राह्मण व शुद्र कम पङ गये जो यह कृत्य राजपूत करने चला । क्या आज दानवीर भिखारी बन गया जो दहेज मांगने चला, क्या आज तेरी क्षत्रियता मर गई जो स्वाभीमान बेचने चला ।।
तुझे भी तो भगवान ने देवी समान बहन या भुआ दी होगी, तेरे पिता ने भी तो उसकी शादी कर्ज लेकर ही की होगी । तो फिर क्यों तू एक और राजपूत परिवार को कर्ज तले दबाने चला ।।
धिक्कार है तेरे राजपूत होने पर ! धिक्कार है तेरे क्षत्रिय कहलाने पर ! जो तू देवी समान राजपूत कन्या कि बजाय, उसके पिता से मिलने वाली दहेज की राशि से विवाह करने चला ।।
यदि अब भी तूने प्रण ना किया, तो धिक्कार है उस क्षत्राणी को जिसने तुझे जन्म दिया ।।
written by कुँवर अवधेश शेखावत (धमोरा)
नोट:- यहाँ ब्राह्मण व शुद्र शब्द से आशय किसी जाती विशेष से नहीं है । यहां पर्युक्त ब्राह्मण शब्द का आशय एक उस पवित्र वर्ग से है जिन्हें भोजन कराना हिन्दू धर्म में पुण्य का कार्य माना जाता है व शुद्र शब्द से आशय उन लोगों से हैं जिनकी प्राथमिक आवश्यकताएं (रोटी,कपड़ा,मकान) भी पूर्ण नहीं हो पाती है ।।


Jan 20, 2014

श्री राजपुत युवा परिषद

 श्री राजपुत युवा परिषद के द्वारा जयपुर में अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया


 बैठक में श्री राजपुत युवा परिषद के अध्यक्ष महोदय ने अपनी कार्यकारिणी का गठन कर के 

 सगठन को नया रूप दिया गया 

 ओर परिषद् की सामाजिक सक्रियता बढ़ाते हुये यह तय किया गया है की संगठन का उद्देश्य 

 क्षत्रिय समाज में प्रसारित कर निस्वार्थ 

 भाव सामाजिक कार्य करने हेतु सभी सदस्यों से अनुरोध किया गयाl
 

कार्यकारिणी इस तरह है:-  
                                           अध्यक्ष
                                  
                                 उम्मेद सिंह किरीरी

                                         उपाध्यक्ष

1. मालम सिंह सोढा 2. भँवर सिंह जुसरी  3. रवीराज सिंह मेङी 4. रिपुदमन सिंह चिराणा   


5.दिपेन्द्र सिंह पालङी      6. हरिनारायण सिंह ओसियाँ        7.प्रशांत सिंह रौत

  
    महासचिव                                                 कोषाध्यक्ष

   भँवर सिंह रेटा                                            महेन्द्र सिंह नाथुसर

    प्रचार मंत्री                                                IT सेल इंचार्ज 

 बलवीर राठौड़ डढेल                                           गजेन्द्र सिंह रायधना

    संगठन मंत्री                                               कार्यालय प्रभारी          
       
 गजेन्द्र सिंह चिराणा                                            विक्रम सिंह केरपुरा 

                               जयपुर शहर अध्यक्ष 

                            नगेन्द्र सिंह रूण्डल

   उपाध्यक्ष -                                             सचीव 

राजवीर सिंह करङ                                        कुन्दन सिंह झाङोद 


                                         



  जिलाध्यक्ष करोली                                      जिलाध्यक्ष सिरोही  


 राजकुमार सिंह जादौन                                     पर्वत सिंह देवङा



 सभी निर्वाचित सदस्यों को हार्दिक बधाइयाँ !


 







Jan 7, 2014

आखिर क्यों नहीं रक्षा कर पाते है हम हमारे महान आदर्शो के सम्मान की ?


एक अति प्राचीन कहावत है कि कुल कलंक अपने महानतम पूर्वजो के यश को भी डुबो देता है ! किसी के पूर्वज कितना ही अधिक धन संचय कर जाये यदि उसके वंशज स्वयं कमाना छोड़ दे तो वह संचित धन भी एक दिन समाप्त हो जाता है और उस परिवार के लोग भुखों मरने के लिए विवश होजाते है ! ठीक इसी प्रकार पुण्य,प्रताप और यश के खजाने का भी हाल है यदि महान से भी महान पूर्वजो के घर में भी कालांतर में नाजोगा और निकम्मे वंशज पैदा हो जाते है तो उनके कुल में भी यह यश और पुण्य प्रताप रूपी खजाना समाप्त हो जाता है !

श्री राम और कृष्ण के वंशजो ने भी आज इस क्षात्र-धर्म के यश को उसी तरह लुटा दिया है !व्यग्र मत होइए मै आपको अपनी बात के लिए प्रमाण देने जा रही हुँ ! स्वतंत्रता शब्द को परिभाषित करने वाले वीर शिरोमणि हिन्दुवा सूरज प्रातः स्म्रणीय महाराणा प्रताप के यश और प्रताप को तो लोग अभी तक भूले भी नहीं है,किन्तु हमारे विरोधी समस्त शासन तंत्र ,प्रचार माध्यम ,और आज कि भ्रष्टतम कार्य-पालिकाओ की काली करतूत देखिये !!!!

शायद संपूर्ण राष्ट्र को इसकी जानकारी भी नहीं होगी कि राष्ट्रीय राजधानी में एक अंतर्राष्ट्रीय बस अड्डा है जो कश्मीरी गेट पर स्थित है ! उसका नामकरण इस महान राष्ट्र भक्त और राजपूती आन बान शान के लिए प्रख्यात "महाराणा प्रताप" के नाम पर किया गया था और दिल्ली के एक जाट मुख्यमंत्री स्वर्गीय साहब सिंह वर्मा के सद्प्रयासों से वहा कुदसिया पार्क में भव्य और तेजस्वी प्रतिमा को स्थापित किया गया था ! किन्तु थोड़े ही दिनों बाद दिल्ली मेट्रो निर्माण के बहाने उनकी प्रतिमा वहां से हटा दी गयी और आज कोई १० वर्ष से भी अधिक समय होने जारहा है ,,,,,,,उस प्रतिमा को पुनः स्थापित होने की कोई योजना दिल्ली सरकार ,या केंद्र सरकार की नजर नहीं आरही है !

Jan 1, 2014

गुड़गावां क्षत्रिय चिंतन बैठक संपन्न

वर्ष के अंतिम दिन ३१ दिसम्बर को जहाँ पूरा देश नववर्ष के स्वागत जश्न में डूबा था, वहीँ सेक्टर ९ गुड़गावं में देश के विभिन्न प्रान्तों से जुटे क्षत्रिय समाज के नेता व प्रबुद्ध सामाजिक कार्यकर्त्ता समाज की पिछड़ती आर्थिक, राजनैतिक हालात पर चर्चा व चिंतन करने में जुटे थे| भारतीय शक्ति दल की महिला मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवरानी निशाकँवर के घर मुंबई से आये महाराणा प्रताप बटालियन के चीफ कमांडर ठाकुर अजय सिंह सेंगर, श्री राजपूत युवा परिषद् राजस्थान के अध्यक्ष उम्मेदसिंह करीरी, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्त्ता छगनसिंह राठौड़, महिपाल सिंह तंवर,करण सिंह नरुका, राजेन्द्र सिंह बसेठ,राजवीर सिंह चौहान,रतन सिंह भगतपुरा व उतरप्रदेश से वंश ठाकुर, सुरेन्द्र प्रताप सिंह,और राष्ट्रवादी विचारधारा से ओतप्रोत शिवकुमार सिंह राघव आदि कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने क्षत्रिय वीर ज्योति मिशन पर गहन चिंतन मनन किया|

इस अवसर पर क्षत्रिय वीर ज्योति के संस्थापक सदस्य राजेन्द्र सिंह बसेठ ने क्षत्रिय वीर ज्योति मिशन पर विस्तार से प्रकाश डाला| बैठक में उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने क्षत्रिय वीर ज्योति मिशन को त्वरित गति से आगे बढाने हेतु जल्द से जल्द कार्ययोजना पर कार्य शुरू करने व मिशन के लिए आवश्यक धन जुटाने पर बल दिया|

विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ ही देश के पांचों प्रान्तों से आये प्रतिनिधियों ने दिल्ली के अंतरराज्यीय बस अड्डे (आई.एस.बी.टी.) के पास कुदसिया पार्क में लगी वीर शिरोमणि, हिंदुआ सूर्य और स्वतंत्रता के प्रेरणा स्रोत महाराणा प्रताप की प्रतिमा मैट्रो रेल प्रशासन से द्वारा कुछ वर्ष पहले हटाने व अब तक उचित स्थान पर प्रतिमा वापस नहीं लगाने पर चिंता जाहिर करते हुये रोष व्यक्त किया और प्रतिमा पुनर्स्थापित करवाने हेतु एक कार्य-योजना बना जल्द ही जुटने का निश्चय किया|

ज्ञात तो मैट्रो रेल निर्माण के बीच आड़े आने के चलते मैट्रो रेल प्रशासन ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा को हटा दिया और कई वर्ष बीत जाने के बाद भी आजतक मैट्रो रेल प्रशासन ने प्रतिमा वापस सम्मान सहित उचित स्थान पर लगाने की जहमत नहीं उठाई, जबकि यही मैट्रो रेल कुछ लोगों की धार्मिक भावनाओं के भड़कने के डर मात्र से ही निर्माण का रास्ता तक बदल देती है|

पूर्व में राजपूत समाज के सामाजिक संगठनों व आरटीआई कार्यकर्ताओं को मैट्रो रेल प्रशासन प्रतिमा लगाने की जिम्मेदारी लेते हुए प्रतिमा की पुनर्स्थापना करने का लिखित में वचन दे चूका है पर अभी तक अपना वचन पूरा नहीं किया|