वो कौम न मिटने पायेगी ठोकर लगने पर हर बार , उठती जाएगी | युग युग से लगे है यहाँ पर देवों के दरबार इस आँगन में राम थे खेले , खेले कृष्ण कुमार...
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Mar 1, 2010
Feb 17, 2009
इतिहास की चोटों का
इतिहास की चोटों का एक दाग लिए फिरते है | सीने के घराने में इक दर्द लिए फिरते है || हम भूल नही सकते महमूद तेरी गजनी | अब तक भी आंखों में वह ख...