Jan 28, 2017

श्री राजपूत करणी सेना के वीर सैनिकों को समर्पित मेरी यह रचना !!! जितनी शेअर कर सको उतनी शेअर करे !!! जय भवानी !!! जय भारत !!!

Oct 26, 2014

सफर:-" मेवाड़ से खानदेश तक ....".--ठा . जयपालसिंह गिरासे [सिसोदिया],शिरपूर




इ.स.१३०३  का समय : भारतवर्ष का मुकुटमणि दुर्गराज चित्तोड़ विदेशी आक्रांता अलाउद्दीन ख़िलजी के आक्रमण से झुंज रहा था। गढ़ के नीचे ख़िलजी ने जुल्म के कहर ढहाये हुए थे। परिणामत: युद्ध अटल था। महाराणी पद्मिनी ने १३००० स्रियों के साथ जौहर ज्वाला मे अपने आप को समर्पित कर दिया। जौहर ज्वाला मे जलती सतियों की कसम खाकर मेवाड़ के विरो ने  केसरिया धारण कर दुर्ग के किवाड़ खोल दिये और ख़िलजी की सेना पर भूंखे शेरों की तरह टूट पड़े। भीषण युद्ध हुवा। आत्मगौरव की रक्षा के लिये क्षत्रियो ने लहू की होली खेली। देखते देखते अपनी आन-बाण एवं शान की रक्षा के लिये मेवाड़ के वीर बलिवेदी पर चढ़ गये। गढ़ के बाहर कस्बो मे या जागीरों मे जो राजपूत बचे थे वे अपने धर्म तथा स्वाभिमान को बचने के लिये अन्यत्र सुरक्षित स्थानों पर निकल गये। इन्ही बचे हुए क्षत्रियों के २४ कुल रावल अभयसिंहजी के नेतृत्व मे मांडू की ओर चले गये। उन्हीं के सुपुत्र रावल अजयसिंहजी ने दौडाइचा मे अमरावती नदी के किनारे सं १३३३ मे अपनी जागीर कायम की. वहा उन्होने एक छोटासा किला  भी बनवाया जिसे स्थानिक लोग गढी कह कर पुकारते  है। उन्हे दो पुत्र थे। झुंजारसिंह और बलबहादूर सिंह। ई स १४५५ मे छोटे पुत्र बलबहादूरसिंह ने मालपुर मे दरबारगढ़ नामक किला बनवाया और वहा अपना स्वतंत्रराज स्थापित किया। दौडाइचा सरकार की हुकूमत ५२ गावों मे थी। मालपुर के रावल सरकार की हुकूमत भम्भागिरि [भामेर] तक थी। मालपुर मे जा बसे सिसोदिया परिवार के लोगोने १३ गाव बसाये जिनमे वैन्दाना; सुराय ;रामी; पथारे; वणी;धावड़े ;खर्दे आदि गाव प्रमुख थे.....इन्ही गावों मे से कई परिवार ओसर्ली;कोपरली; टाक़रखेड़ा;वाठोडा ;अहिल्यापुर ; पलाशनेर; होलनांथा; भवाले; विरवाडे आदि गावों मे बस गये। वहा उन्होने खेती और जमींदारी की वृद्धि की। 

      सूरत विजय के बाद लौ

Mar 18, 2014

श्री राजपूत युवा परिषद सीकर की कार्यकारणी का विस्तार

 16/03/2014 आज श्री राजपूत युवा परिषद सीकर की कार्यकारणी का विस्तार किया गया 
युवा परिषद के प्रदेशाध्यक्ष उम्मेद सिंह करीरी ओर जिलाध्यक्ष लोकेश सिंह राठोड के द्वारा कार्यकरणी का विस्तार किया  गया जिससे सीकर जिले मे परिषद् की सामाजिक सक्रियता बढ़ाते हुये यह तय किया गया है की संगठन का उद्देश्य क्षत्रिय समाज में प्रसारित कर निस्वार्थ भाव सामाजिक कार्य करने हेतु सभी सदस्यों से प्रदेशाध्यक्ष के द्वारा अनुरोध किया गयाl सीकर जिला कार्यकरणी इस तरह है:-

 जिला संयोजक  एडवोकेट भवानी सिंह ढोलास  
जिला उपाध्यक्ष  चन्दन सिंह भगवानपूरा 
जिला उपाध्यक्ष  कुलदीप सिंह सबलपुरा

जिला उपाध्यक्ष         नरेन्द्र सिंह बिराणीया
जिला उपाध्यक्ष         गजेन्द्र सिंह कुकनवाली 
 शहर अध्यक्ष           आनन्द सिंह तारपुरा 
 शहर उपाध्यक्ष  जितेन्द्र सिंह बड़ी पूरा

सभी नव निर्वाचित सदस्यों को श्री राजपूत युवा परिषद की तरफ से हार्दिक बधाई ओर सुभकामना