बाड़मेर 25 Dec.|आज राष्ट्र की विकट समस्याओं के समाधान के लिए क्षत्रिय चरित्र की महत्ती आवश्यकता है। अपने कर्तव्य के लिए मर मिटने का भाव, मानवता के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने की चेतना और राष्ट्रीय चरित्र निर्माण यही स्व.तनसिंह के जीवन का मिशन था। आज इसी की भारत को आवश्यकता है। यह बात तनसिंह जयंती समारोह को... संबोघित करते हुए समारोह के मुख्य वक्ता एवं संघ प्रमुख भगवानसिंह रोलसाहबसर ने कही।
रोलसाहबसर ने राष्ट्र हित में बिना जाति पंथ व भेद के राष्ट्र रक्षा के लिए क्षत्रिय बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तनसिंह जैसे महापुरूष राष्ट्र की थाति है। यह मालाणी की धरती गौरवशाली है, जिस पर ऎसे महान पुरूष का जन्म हुआ। कार्यक्रम को संबोघित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संघचालक पुखराज गुप्ता ने कहा कि हमे गर्व है कि तनसिंह जैसे चिंतक, लेखक व मनीषी का इस धरती पर जन्म हुआ और उनका मार्गदर्शन मिला। एडवोकेट स्वरूपसिंह राठौड़ ने तनसिंह को आदर्श राजनेता बताते हुए उन्हें सादगी व आध्यात्मिकता की अद्भुत मिसाल बताया।
कार्यक्रम को संबोघित करते हुए बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि तनसिंह ने सामान्य परिस्थितियों से संघर्ष करके देश व समाज को राजनीति व चिंतन के माध्यम से अपूर्व योगदान दिया। बाड़मेर के पूर्व विधायक तगाराम चौधरी ने तनसिंह को बाड़मेर जिले का महान सपूत बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। शिव के पूर्व विधायक डा. जालमसिंह रावलोत ने तनसिंह और उनके दर्शन को राष्ट्रीय जरूरत बताते हुए युवा पीढ़ी से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। एडवोकेट रूपसिंह चौहटन ने तनसिंह के साथ अपने संस्मरण बताते हुए उन्हें सफल आंदोलनकर्ता व सफल नेता बताया।
केप्टन हीरसिंह भाटी ने कहा आज देश को बचाना है तो तनसिंह के बताए रास्ते पर चलना पड़ेगा। कार्यक्रम को अरूणा माडपुरा, राज्यलक्ष्मी लूणू ने भी संबोघित किया। इस अवसर पर मेघूदान चारण ने काव्यपाठ किया। वहीं कालूसिंह गंगासरा ने तनसिंह के सहगीत प्रस्तुत किए
मानवता के लिए सर्वस्व न्योछावर करें : स्व.तनसिंह जी जयंती समारोह
Ratan singh shekhawat, Jan 26, 2011
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स्व. तनसिंह जी को नमन!
गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत बधाई.
हमारा भी नमन जी
mera bhi blog visit karen aur meri kavita dekhe.. uchit raay de...
www.pradip13m.blogspot.com
tansinghji ko naman aur aapko achhi prastuti ke liye badhai.
स्वं तनसिंह जी के विषय में जानकारी देकर आपने हमारे ज्ञान में अभिवृद्धि करवायी। अतः धन्यवाद!
एक निवेदन-
मैं वृक्ष हूँ। वही वृक्ष, जो मार्ग की शोभा बढ़ाता है, पथिकों को गर्मी से राहत देता है तथा सभी प्राणियों के लिये प्राणवायु का संचार करता है। वर्तमान में हमारे समक्ष अस्तित्व का संकट उपस्थित है। हमारी अनेक प्रजातियाँ लुप्त हो चुकी हैं तथा अनेक लुप्त होने के कगार पर हैं। दैनंदिन हमारी संख्या घटती जा रही है। हम मानवता के अभिन्न मित्र हैं। मात्र मानव ही नहीं अपितु समस्त पर्यावरण प्रत्यक्षतः अथवा परोक्षतः मुझसे सम्बद्ध है। चूंकि आप मानव हैं, इस धरा पर अवस्थित सबसे बुद्धिमान् प्राणी हैं, अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि हमारी रक्षा के लिये, हमारी प्रजातियों के संवर्द्धन, पुष्पन, पल्लवन एवं संरक्षण के लिये एक कदम बढ़ायें। वृक्षारोपण करें। प्रत्येक मांगलिक अवसर यथा जन्मदिन, विवाह, सन्तानप्राप्ति आदि पर एक वृक्ष अवश्य रोपें तथा उसकी देखभाल करें। एक-एक पग से मार्ग बनता है, एक-एक वृक्ष से वन, एक-एक बिन्दु से सागर, अतः आपका एक कदम हमारे संरक्षण के लिये अति महत्त्वपूर्ण है।
दुख का विषय यह है कि क्षत्रिय गुणधर्मिता को कीचड़ में पत्थर मारने जैसा बताया जा रहा है। सेनापति क्या करेगा अगर सेना कमज़ोर हो। देश की जनता का खून भी खौलना चाहिए।
स्व. तनसिंह जी को नमन!
क्षत्रियों में एकता और जागरूकता का संचार होना सबसे पहली आवश्यकता है।
@वृक्षारोपण : एक कदम प्रकृति की ओर
धन्यवाद
Lets decide to walk on the path shown by Late Tansinghji.....!
स्वर्गीय श्री तनसिंह जी को में नमन करता हूँ ( धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा है ) जरूरत है लेकिन चल कौन रहा है ये तो प्रभु ही जानते है जरा लेट पढ़ा है इसलिए ज्यादा नहीं लिखना है आगे कभी