बलि पथ के सुंदर प्राण | बलि होना धर्म तुम्हारा, जीवन हित क्यों पय पान || आज खडा तू मंदिर आगे, देव पुरुष के है भाग्य जागे | टूट रहे ह...
Showing posts with label पु.श्री तनसिंह जी की कलम से. Show all posts
Showing posts with label पु.श्री तनसिंह जी की कलम से. Show all posts
Apr 10, 2009
Apr 5, 2009
Nov 16, 2008
भारत का मान बिन्दु
भारत का मान बिन्दु ,तिरंगा यह झंडा हमारा | मर के अमर हो जाना, पर ये झंडा ना झुकाना || लाखों चढ़े थे शमा पर किंतु बुझने न दी ये ज्योति | बलिदा...
Nov 5, 2008
हम भूल चुके है हाँ
Gyan Darpan 6:30 AM
हम भूल चुके है हाँ हम भूल चुके है जिस पीड़ा को उसको फ़िर उकसानी है | केसरिया झंडा सुना रहा है हमको अमर कहानी || ऋषि मुनियों की जन्म...
Oct 21, 2008
भगवान की गोद
Gyan Darpan 9:47 PM
पु.स्व.श्री तनसिंह जी की कलम से (बदलते द्रश्य) छविग्रह में जब में पहुँचा तब चित्र शुरू हो गया था देखने वालों की कमी नही थी किंतु उनमे भी अधि...