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Nov 8, 2013

चुनाव हराने की क्षमता विकसित करे राजपूत समाज

राजस्थान में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भाजपा द्वारा १७६ सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा से प्रदेश के शेखावाटी आँचल सहित कई क्षेत्रो...

Oct 26, 2013

राष्ट्र के दिल ओ दिमाग में लहू बनकर दौड़ने वाला राजपूत वेंटिलेटर पर अंतिम सांसे लेने की तरफ अग्रसर ..........

मुझे आज 15 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि का विस्मरण हो आया जब वतन "आजादी" की फिजाओं में खुलकर साँस लेने के लिए फेफड़े फुला रहा था, ...

Oct 17, 2013

जेता-कुम्पा के बलिदान से प्रेरणा ले राजपूत युवा : उम्मेद सिंह करीरी

उम्मेदसिंह, करीरी जोधपुर के सेनापति जेता और कुम्पा से "सुमेल गिरी" युद्ध के पश्चात् शेरशाह सूरी का ये कथन कि - "मैं मुठ्ठी भ...

Sep 5, 2013

राजपूत उम्मीदवार के खिलाफ किसी भी नेता के झांसे में ना आये राजपूत मतदाता

पिछले राजस्थान विधानसभा चुनावों में खींवसर विधानसभा क्षेत्र से दुर्गसिंह चौहान ने बिना किसी राष्ट्रीय या क्षेत्रीय पार्टी की टिकट के चुनाव ल...

Jul 16, 2013

दिग्विजय सिंह के राजनैतिक आचरण से आहत ना हो राजपूत युवा

कांग्रेस के नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री दिग्विजय सिंह अपने विवादित बयानों के लिए अक्सर लोगों के निशाने पर रहते है| सोशियल साइट...

Jun 26, 2013

सामाजिक मामलों में क्यों चुप रहते है हमारे समाज के नेता ?

जोधा-अकबर सीरियल में इतिहास को तोड़ मरोड़कर पेश करने को लेकर राजपूत समाज का युवा वर्ग काफी आक्रोशित है, ये युवा वर्ग इस सीरियल पर ही नहीं समा...

Dec 1, 2012

विधवा-विवाह और क्षत्राणी

कुँवरानी निशा कँवर आजकल कुछ लोग हीन भावना से इतने ग्रषित है कि दुसरे वर्ग या वर्ण के समाजों के पैमाने से क्षत्रिय समाज की परम्पराओं ,मान्यत...

Aug 9, 2012

लोकतंत्र का मर्म समझें क्षत्रिय : सत्ता के लिए सिर कटवाने की बात नहीं सिर्फ गिनवाने की बात पर ध्यान दें

एक समय था जब राज्य सत्ता प्राप्ति के लिए सिर काटने पड़ते थे और कटवाने पड़ते थे| बिना बलिदान दिए न तो राज्य मिलता था और ना ही सुरक्षित रहता था|...

Dec 27, 2011

हमारी भूलें : जातिगत व धर्मगत भावनाओं में डूबे रहना

पहले आध्यात्मिक विकास के लिए किये जाने वाले प्रयत्नों को ही धर्म के नाम से संबोधित किया जाता था| किन्तु आजकल धर्म शब्द का अभिप्राय बिल्कुल भ...

Dec 21, 2011

हमारी भूलें : भविष्य की कल्पना में दुबे रहना

क्रांतदर्शी होने का तात्पर्य है,आर पार देखने की सामर्थ्य| अर्थात वतमान को छोड़कर भविष्य को देख लेने की सामर्थ्य| यह एक गुण है खास तौर से नेतृ...

Dec 19, 2011

Dec 16, 2011

Dec 15, 2011

Dec 8, 2011

Dec 3, 2011